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कैनबिस धूम्रपान तंबाकू के धुएं से कम कैंसर का कारण होने की संभावना

Published on October 18, 2005 at 8:07 AM · No Comments

एक प्रमुख अमेरिकी विशेषज्ञ के अनुसार, कैनबिस धूम्रपान तंबाकू के धुएं की तुलना में कैंसर का कारण होने की संभावना कम है.

डॉ. रॉबर्ट Melamede, कोलोराडो विश्वविद्यालय , का कहना है कि हालांकि रासायनिक इसी तरह तंबाकू, अधिक कैंसर था.

जाहिर अंतर मुख्य रूप से तम्बाकू में निकोटीन की वजह से है, जबकि भांग संभवतः रासायनिक tetrahydrocannabinol (THC) की उपस्थिति की वजह से कैंसर को रोकता है.

स्वास्थ्य प्रचारकों लेकिन निशान से जल्दी है और शालीनता के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं.

के अनुसार ब्रिटिश अपराध सर्वेक्षण , भांग एक 10 में यह पिछले वर्ष में उपयोग कर लोगों के साथ ब्रिटेन में सबसे अधिक इस्तेमाल दवा बनी हुई है .

तंबाकू और भांग से धुआँ होता है उसी के कई carcinogens, और सेल फेफड़ों के कैंसर से जुड़े नुकसान क्रोनिक कैनबिस धूम्रपान करने वालों के फेफड़ों में पाया गया है.

वर्ग सी दवा है, जो 2004 में डाउनग्रेड किया गया था, और पहले से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और साँस लेने में कठिनाई के लिए जोड़ा गया है.

वैज्ञानिकों तथापि तलाश किया गया है चाहे वह एकाधिक काठिन्य और अल्जाइमर रोग सहित स्थितियों की एक श्रृंखला के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

डॉ. Melamede कहा निकोटीन सक्रिय कासीनजन यौगिकों, THC, 60 कैनबिस संयंत्र से प्राप्त cannabinoids की, जबकि चूहों की कोशिकाओं में इन खतरनाक यौगिकों बाधित दिखाया गया था.

Melamede का कहना है कि भांग में पाया यौगिकों फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट, लेकिमिया, लिंफोमा, और त्वचा के कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर को मारने के लिए दिखाया गया है.